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Know About Our Gaushala

रामायण की एक चौपायी है भगवान राम के अवतार के समय का जिसमें स्वामी तुलसीदास जी भगवान के अवतार का एक कारण गौ माता को मानते हैं:

विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।
निज इच्छा निर्मित तनु माया गुण गो पार।।

हम भगवान श्री राम कृष्ण शंकर के वंशज अपनी देसी गाय बैल नंदी को बचाने में आगे आएँ। हमारे घर देसी गाय का दूध घी होगा तो हमारा परिवार स्वस्थ रहेगा।देसी गाय के दूध घी का डिमांड बढ़ेगा तो लोग देसी गाय को पालेंगे। अपनी देसी गाय बचेगी तो उनके दूध से हमारा स्वास्थ बचेगा।देसी गाय के गोबर गौ मूत्र से हमारी धरती माँ को नेचुरल खाद मिलेगा जिससे हमारी धरती बचेगी। धरती से पुनः हमें स्वादिष्ट अन्न फल सब्ज़ी मिलेगा, हम स्वस्थ होंगें। स्वस्थ भोजन हमें तन- मन से स्वस्थ रखेगा।बैल कोल्हू से सर्वश्रेष्ठ कोल्ड प्रेस्ड तेल की प्राप्ति होगी और हम स्वस्थ रहेंगें।

स्टूडेंट्स ऑक्सीजन मूवमेंट पिछले बीस वर्षों से शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ और ग़रीबी उन्मूलन के लिए कार्यरत है। स्वास्थ में क्विट शुगर अभियान के बाद हमलोगों ने सेव देसी काउ कैंपेन, बैल कोल्हू कैंपेन चलाया है।

सेव देसी काउ कैंपेन के तहत हमलोगों ने पाँच वर्ष पूर्व ऑक्सीजन गौशाला का निर्माण किया जिसमें एक वर्ष के अंदर अभी 300 छोटी- बड़ी भारतीय देसी गिर गौ वंश हैं हैं।यह गौशाला दानापुर बिहटा के बीच कनहौली के पास बिशनपुरा में ५५ बीघे के फैलाव में है।

Dedicated Services
Gou Seva, Bail Seva
Membership for
Desi Cow A2 milk, Ghee, Bail kolu Oil
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Our message!

ऑक्सीजन गौशाला से सर्वश्रेष्ठ दूध घी लोगों तक पहुँचाने के अनेक पुण्य कार्य किए जा रहे हैं।

ऑक्सीजन गौशाला में सारी देसी गायें गिर गायें हैं।

जितनी गायें उतनी बछड़ि बछड़े हैं।

हमारी गायें अपने बछड़े को दूध पिलाती हैं और हमें भी दूध मिल जाता है।

गायों के लिए पचपन बीघे में अनेक हरे चारे का प्रबंध है।हमारी गायें बड़े शौक़ से प्रतिदिन ईख खाती हैं।

ब्रिडिंग के लिए गिर नंदी गौशाला में हैं।

गौशाला में धार्मिक माहौल है, हमेशा भगवान का भजन और रामायण बजते रहता है।

दूध दुहने के साथ दूध को पैक कर डिपफ्रिज़र में रख दिया जाता है ताकि गौशाला के सदस्यों तक सर्वश्रेष्ठ दूध घी पहुँच सके। घी दूध का दही बना दही को मथ कर मक्खन गर्म कर बनाया जाता है।

गायें हमेशा खुली घुमती हैं। दूध दुहने के बाद सुबह शाम गाय की मालिश की जाती है।

बछड़ों को पाल कर हम नंदी बैल बनाते हैं, कसाई के पास कटने नहीं बेचते हैं।

दूध नहीं देने वाली गायें गौशाला में हीं रहती हैं, अंतकाल तक गौशाला में हीं रहेंगीं।

गौशाला का दूध घी सिर्फ़ गौ प्रेमियों को हीं उपलब्ध है।

गाय के गोबर गौ मूत्र से गौशाला के खेतों में हरे घास, अन्न, सब्ज़ी की खेती की जाती है जिससे हमारी धरती माँ को सर्वश्रेष्ठ भोजन मिलता है और हमारी गायों एवं हम लोगों को नेचुरल भोजन।

देसी गाय पलने से हमारी देसी गायें बच रही हैं।

देसी गाय के गोबर से हमारी धरती बच रही है।

अपने गौ पालन से सनातन धर्म के साथ जीवन यापन हो रहा है

लोगों को सस्ता ब्रांडेड दूध घी उपलब्ध कराने के लिए दुर्भाग्य से गौ पालकों को कुछ पाप करना पड़ता है जिसका कुफ़ल सभी को भोगना पड़ता है:

- उन्हें अपनी देसी गाय नहीं पालकर गाय जैसी नहीं दिखने वाली कोई जर्सी जानवर को पालना पड़ता है।

- बछड़े को बिना दूध पिलाए मारना पड़ता है।

- फिर इस जानवर को दूध दुहने के लिए ऑक्सीटॉक्सिन को इंजेक्शन देना पड़ता है।

- बदतर हालत में किसी तरह इन जानवरों को रख कर खिलाना पिलाना दूध दुहना पड़ता है।

- दूध में पानी के अलावा अन्य यूरिया आदि वस्तुओं को मिलाना पड़ता है।

- इस दूध को देने वे आपके घर आते हैं या ब्रांडेड डेयरी में देते हैं। डेयरी इस दूध को पीने लायक़ बनाने की कोशिश करती है और पैकेट में भर आप तक पहुँचाती है, घी बनाती है।

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6

Years Experience

18

Appreciations

400

Total Cow family

200

Happy Desi cow lovers

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Our Goushala For Healthy Living

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